Friday, December 2, 2022
ಖ್ಯಾತ ನಿರ್ಮಾಪಕ ಮುರಳೀಧರನ್ ಹೃದಯಾಘಾತದಿಂದ ನಿಧನ; ಕಂಬನಿ ಮಿಡಿದ ಕಮಲ್ ಹಾಸನ್-ನಟ ವಸಿಷ್ಠ ಸಿಂಹ ಜೊತೆ ನಿಶ್ಚಿತಾರ್ಥ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ನಟಿ ಹರಿಪ್ರಿಯಾ-ಕಲ್ಯಾಣ ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಬಿಜೆಪಿ ದ್ವೇಷ ರಾಜಕಾರಣ ಮಾಡುತ್ತಿದೆ: ಸುರ್ಜೇವಾಲಾ-6ನೇ ತರಗತಿಯ ಬಾಲಕ ಹೃದಯಾಘಾತದಿಂದ ಸಾವು-ಭಾರತವಿಂದು ಜಗತ್ತಿನ ನಂ.1 ಹಾಲು ಉತ್ಪಾದಕ: ಕೇಂದ್ರ ಸಚಿವ ಪರುಷೋತ್ತಮ ರೂಪಲಾ-ಪ್ರಜಾಪ್ರಭುತ್ವದ ಬಗ್ಗೆ ವಿಶ್ವ ನಮಗೆ ಪಾಠ ಮಾಡಬೇಕಿಲ್ಲ, ವಿಶ್ವಸಂಸ್ಥೆಗೆ ಭಾರತದ ದಿಟ್ಟ ಉತ್ತರ!-ಮಾಜಿ ಸಿಎಂ ಸಿದ್ದರಾಮಯ್ಯ ಆಸ್ಪತ್ರೆಗೆ ದಾಖಲು-ಸ್ಮಿತ್ ಬ್ಯಾಟ್‍ನಿಂದ ಹೊಡೆತ ತಿಂದ ಅಂಪೈರ್-ಸೇಡು ತೀರಿಸಿಕೊಳ್ಳಲು ಬಾಲಕಿ ಮೇಲೆ ಅತ್ಯಾಚಾರವೆಸಗಿ ಕೊಲೆ ಮಾಡಿದ 15ರ ಬಾಲಕ-ಹೊಸ ಆಲೋಚನೆಯ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಚಿಂತನೆಯ 'ಸಮೃದ್ಧ ಕೊಡಗು' ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯ ಮೂಲಕ ಕೊಡಗಿನಲ್ಲಿ ಗಮನ ಸೆಳೆಯುತ್ತಿರುವ ಡಾ. ಮಂತರ್ ಗೌಡ
Previous
Next

खून और throat swab में मिला Monkeypox virus!!

Twitter
Facebook
LinkedIn
WhatsApp

कोरोना के कहर के बीच दुनिया में मंकीपॉक्स का भय देखने को मिल रहा है. यूरोपीय देशों में मंकीपॉक्स के अब तक करीब 100 केस मिल चुके हैं. इस बीच, लैसेंट रिसर्च में खून और गले के स्‍वैब के जरिए मंकीपॉक्स वायरस का पता लगाने के बारे में बताया है. हालांकि अध्ययन में दावा किया गया कि इससे पहले मंकीपॉक्स इतने बड़े स्तर पर कभी नहीं फैला है. रिपोर्ट में कहा गया है कि एंटीवायरल दवाओं में से कुछ में मंकीपॉक्स के लक्षणों को कम करने और रोगी के संक्रामक होने के समय को कम करने की क्षमता हो सकती है. 

द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में मंगलवार को प्रकाशित एनालिसिस के मुताबिक, ब्रिटेन में 2018 और 2021 के बीच दुर्लभ वायरल बीमारी से पीड़ित सात रोगियों के बीच किए गए एनालिसिस में ये बातें सामने आई हैं. ये मामले अफ्रीका के बाहर अस्पताल और घरों में होने वाले प्रसार के पहले कुछ उदाहरण हैं. अध्ययन के अनुसार, बीमारी के इलाज के लिए दो एंटीवायरल दवाओं – ब्रिनसीडोफोविर और टेकोविरिमैट के पहले ऑफ-लेबल उपयोग के लिए रोगी की प्रतिक्रिया के बारे में पता लगाया. स्टडी में इस बात के बहुत कम प्रमाण मिले हैं कि ब्रिनसीडोफोविर के क्‍लीनिकल लाभ मिले, लेकिन यह निष्‍कर्ष निकाला गया है कि टेकोविरिमैट की क्षमता का पता लगाने के लिए और अधिक अध्‍ययन की जरूरत होगी.  

हमारा समर्थन करने के लिए यहां क्लिक करें

इससे जुड़ी अन्य खबरें

राष्ट्रीय

अंतरराष्ट्रीय